Output Device क्या है?

क्या जानते है की  Output Device क्या है – What is Output Device in Hindi और Computer में कितने type के Output Devices का उपयोग किया जाता है. यह Computer Fundamentals की जानकारी है.

इन input / output Devices के बारे में सबको ही पता होना चाहिए. अगर आपको input device के बारे नही पता है तो आप हमारा यह पोस्ट input devices क्या है? पढ़े सकते है .

हम लोग Computer, Mobile, Tablet, जैसी Electronics Devices से घिरे हुए हैं. हम इन Devices के साथ ज्यादातर समय बिताते है. इन Devices को बनाने के लिए Hardware का उपयोग किया जाता है.

अगर Computer के Hardware Components की बात करें. तो इसमे से कुछ हैं keyboard, Mouse, Motherboard, Speaker, RAMHard disk, DVD drive, Monitor.

हर Computer में आपको यह Devices देखने को मिलेंगे. जिनमे से कुछ हैं Input Device, Output Device, Processing और Storage Device. चलिए देखते है की Output Device क्या है?

Output Device क्या है?

जिस किसी भी device के द्वारा जब हम Computer में कुछ input करने के बाद, हमें जिस Device में output मिलता है. उसे हम ही output device कहते हैं.

OUT का मतलब है बहार और PUT का मतलब रखना, पूरा मतलब हुआ बहार रखना होता है. Process data को यह Device बहार दिखाती है. EX- Monitor, Speaker, Printer, Projector, Plotter.

Monitor में हम Movie, File, folders , apps, Menu, Desktop वैगेरा सब इसी Device पे देखते हैं. अब मरी लिखी गई बातें भी सायद आप इसी Monitor पे ही देख रहे होंगे.

चाहे वो Mobile हो या Tablet Speaker में गाने सुनते हैं वो भी बहार की आवाज निकालता है. Printer भी बाहार Printout नुकालता है.

Output Device के प्रकार

यहाँ पे आपको आउटपुट डिवाइस सूची के बारे में बताया हूँ. हम सबके बारे में तो नहीं बता सकते पर आउटपुट डिवाइस के कुछ हिस्सों के बारे में पूरी जानकारी देंगे. तो चलिए जानते उनके बारे में.

1. Monitor

यह एक electronic device होता है, जो computers के लिए कुछ output दिखता है. यह बिलकुल एक T.V के तरह दीखता है. एक बड़ा और बढ़िया display resolution हमे fine graphics दिखाने में मदद करता है.

यह hardware, video card के उपयोग से Video और Graphics Produce करता है. जैसे TV को दिवार पे लटकाया जाता है. वैसे Monitor को Desk पर रखा जाता है.

इसका उपयोग computer में Video, Image, Document, app को देखने के लिए किया जाता. अगर Monitor ही नहीं होता है.

Monitor के कुछ दुसरे नाम भी हैं

कभी कबार monitor इन नामों से भी जाने जाते हैं screen, display, video display, video display terminal, video display unit और video screen. Knowledge की कमी से कभी कभी इन्हें Computer भी बोला जाता है.

यह Computers के जो hardware हैं, उनमे से यह Monitor भी एक है. Computer को बंद करना और Monitor को बंद करना दोनों अलग बात हैं.

Monitor के बारे में Facts

HDMI, DVI, और VGA port से Monitor को Connect किया जाता है. दुसरे Connectors हैं USB, Display Port, और Thunderbolt. नए Monitor को खरीदने से पहले एक बात का ध्यान रहे दोनों Connector एक जैसे होने चाहिए.

अगर आपका Computer VGA Support करता है और आप Monitor ले आए हैं HDMI PORT का फिर किसी काम का नहीं रहेगा. वैसे तो आज कल Multi Port Monitor बाज़ार में मिल रहे हैं.

इसके दो प्रकार होते है

  1. CRT Monitor:
    इसका desk space और electricity उपयोग करते हैं. यह सबसे पुरानी उपयोग किये जाने वाली technology है.
  2. LCD Monitor:
    एक तरीके का flat panel display है. यह CRT के मुकाबले नयी तकनीक है. यह monitors कम desk space उपयोग करते हैं.

2. Printer

Printer एक output device होता है. जो computer से प्राप्त information को page पर छापता है. page पर output की यह प्रतिलिपि hard copy  कहते है. computer से Document का output बहुत तेजी से मिलता है और printer इतनी तेजी से काम नहीं कर पाता है.

Technology के उपयोग के मुताबिक Printers कई प्रकार के होते हैं. जिनकी जानकारी निचे पहले से दी गई है.

printer क्या होता है?

Daisy-wheel

यह ball-head typewriter जैसा ही है. इस प्रकार के Printer में Plastic या Metal का बना हुआ पहिया रहता है. जिसपे character बने हुए रहते हैं. एक होतोड़ा ribbon के खिलाफ दबाया जाता है. जिस पे एक character बना हुआ रहता है. जब ये दवाब सफ़ेद कागज पे पड़ता है तब एक Character बनता है. इस प्रिंटर से बहुत साफ़ character प्रिंट कर सकते हैं लेकिन Graphics वाले नहीं कर नहीं सकते हैं.

Dot-matrix

इसमें ink Ribbon के बिरोध Pins Strike करने के बाद Character बनता है. जब पिन एक बार कागज से टकराती है तब वहां एक dot बनता है और कई सारे dots के मिलन से एक character बनता है.
ink-jet: एक प्लेन पेपर के उपर ink को Spray किया जाता है जिसे High Quality Text और Graphics paper पे draw होते हैं.

Laser Printer

xerox machine में जिस टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है वही Technology इसमें भी है. Laser Printers से भी बहुत High Quality text और graphics प्रिंट कर सकते हैं.

Line Printer

इसमें एक ही लाइन में बहुत सारे Pins या Characters होते हैं. जिसे एक Sentence को प्रिंट करने में काफी कम समय लगता है. बहुत तेज़ होने के बाबजूद Low Quality Content Print करता है ये Printer.

Thermal Printer

इसके नाम में ही Thermal है. मतलब इसमें heat Sensitive Paper का उपयोग किया जाता है. Heat Pins को Heat Sensitive Paper में push किया जाता है. इसका उपयोग Calculators और Fax Machine में किया जाता है.

Printer के Characteristics

1.Quality:
Printers से जो Output के letters प्रिंट होते हैं. उन्हें इन 3 Qualities में भाग किया गया है. उन को हम Letter quality, near letter quality या Draft quality बोल सकते हैं. Letter quality printer’s के नाम हैं daisy-wheel, ink-jet, and laser printers.

2. Speed:
Printers की speed की बात करें तो उनका Measurement characters per second (cps) से पता चलता है. जितनी ज्यादा CPS उतना ही अच्छा PRINTER. सबसे धीमा printer का नाम है Daisy-wheel जिसकी speed है 30 cps. Line printers की स्पीड सबसे तेज़ वाले प्रिंटर्स में से एक है जसकी speed है है 3000 cps. Dot-matrix printers 500 cps और laser printers एक Minute में 4 से 20 text pages.

3. Impact or non-impact:
Ink ribbon को Strike करने वाले Printers Impact printers के श्रेणी में आते हैं . Daisy-wheel, dot-matrix, और line printers सारे के सारे impact printers’ की श्रेणी में आते हैं. उनके नाम है laser printers and ink-jet printers ये दोनों ही Non-impact printers की श्रेणी में आते हैं. Impact और non-impact printer’s में एक ही अंतर है, impact printer’s अत्यधिक आवाज निकालते हैं.

4. Graphics:
कुछ printers जैसे daisy-wheel and line printers केवल Text Print कर सकते हैं. बाकि बचे हुए सारे दोनों Text और Graphics Images प्रिंट कर सकते हैं.

5. Fonts:
dot-matrix printers में कुछ गिनती मिनती के Font होते हैं. अगर बात करें laser और ink-jet printers की जिसमे अनगिनत Font मोजूद हैं. Daisy-wheel printers में भी गिने चुने Printers हैं.

3. Plotter

Plotter का उपयोग बड़े बड़े कागज पर उच्च गुणवत्ता वाले रेखाचित्र व् graph प्राप्त करने के लिए किया जाता है. इसका उपयोग मुख्यतः इंजीनियरिंग , भवन निर्माण , City Planning , map आदि में किया जाता है.

एक एसी Output Device है जो की Computers के द्वारा दिए गए Commands के मुताबिक Picture draw करते है. Plotter और Printers में काफी फरक है इसमें Pen का उपयोग होता है कुछ draw करने के लिए. Multicolor Plotters आलग आलग color के Pens का use किया जाता है.

अगर बात पैसे की है तो ये device Printers से काफी महँगी होती है. इनका उपयोग Engineering Application में किया जाता है.

4. Screen Projector

Projector यह भी एक Output Device है. इसके उपयोग से computer के screen के सभी गति विधिओं को बड़े परदे पर दिखाया जाता है. इसके उपयोग से हम presentations दिखा सकते हैं.

इस Device के Output को कोई दिवार या फिर सफ़ेद परदे पे Display कर सकते हैं. आमतोर पे जिस surface पे light को Project किया जाता है वह surface size में बड़ा, सीधा और सफ़ेद color का होना चाहिए. Projectors का उपयोग Moving Images, slideshow और Videos को play करने के लिए किया जाता है. इसे बहु सख्यंक लोगों को Presentation दिखा सकते हैं. इस device का size भी छोटा होता है और Weight भी कम होता है.

Projector का उपयोग कहाँ होता है

1.PowerPoint presentation को business meeting. में Project किया जाता है.

2.बचों को class में समझाने के लिए Projector का उपयोग किया जाता है.

3.TV और Computer में जो multimedia (movies) है उनको Projector के जरिये बड़े परदे पे Play करने के लिए.

4.Public Places में कोई वस्तु या सेवाओं को लोगों को समझाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है.

5.कोई खाली दिवार पे अलग अलग प्रकार की तस्वीर को display करने के लिए जिसे look बदल जाए.

6.Projectors को Computer से जोड़ने के लिए HDMI या VGA cables का उपयोग किया जाता है.

5. Speaker

इसके उपयोग से हम ध्वनि सुन सकते हैं| यह ध्वनि के रूप मे output की soft copy प्रस्तुत करता है. Computers की जुबान ही Speaker है. यह एक Output और Hardware Device है. जो Computers से Sound Generate करता है.

Computer Speakers से जो Sound Produce होता है, उसको computer का एक Component जिसका नाम है Sound card वही Generate करता है. LAPTOP में तो पहले से ही Speaker रहते है Keyboard के उपरी छोर पे.

काम कैसे करता है

Speakers -एक Cone, एक लोहे का तार, एक चुंबक, और Housing (case) से बनाया गया हैं. जब Speakers किसी Device से बिजली के इनपुट को प्राप्त करता है, तो वह इसे आगे और पीछे बढ़ाने के कारण. एक Vibration बनता है और इसी Vibration के कारण Sound निकलता है. अपने कानों से इस वाज को सुन सकते हैं.

Sounds की Quality इन से पता चलती है, एक Frequency response, Total Harmonic Distortion और Watts.

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